शिक्षा को रोजगार से जोड़ना आज की आवश्यकता : डॉ. यादव

भोपाल – शिक्षा को रोजगार एवं स्व-रोजगार से जोड़ना आज की आवश्यकता है। हमारा प्रयास है कि हम अपने विद्यार्थियों को न केवल परंपरागत शिक्षा से जोड़ें अपितु उन्हें नवाचारों के माध्यम से बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न भी बनाएँ। सकारात्मक होकर आगे बढ़ेंगे तो हमारे प्रयास निश्चित रूप से सुपरिणामदायी होंगे। यह विचार प्रशासन अकादमी में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित अल्पावधि स्व-रोजगारोन्मुखी ऑनलाइन प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त किए। प्रदेश के इतिहास में पहली बार आयोजित इस प्रकार के प्रशिक्षण में 18 हजार 666 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान युवाओं के जीवन में नया संकल्प और सवेरा लाने के लिये लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन प्रयोगों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश की ऑनलाइन उच्च शिक्षा प्रणाली का अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया है।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि आज बाजार की जरूरत के मुताबिक पाठ्यक्रमों में बदलाव जरूरी है, जिससे विद्यार्थी नई चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें।

अपर आयुक्त उच्च शिक्षा चंद्रशेखर बालिम्बे, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी की संचालक श्रीमती सोनाली पोक्षे वायंगणकर, निदेशक स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना डॉ. उमेश कुमार सिंह और डॉ. प्रमोद चतुर्वेदी उपस्थित थे। उद्घाटन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के वर्चुअल केन्द्रों वाले 100 महाविद्यालयों सहित 498 महाविद्यालयों के पंजीकृत विद्यार्थी, उनके मेंटर शिक्षक, संभाग एवं जिले के नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य भी जुड़े रहे।

अनिवार्य और वैकल्पिक विषयों पर आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल के माध्यम से 25 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अनिवार्य विषयों में व्यवहारगत कौशल, संगणक कौशल और उद्यमिता कौशल प्रशिक्षण, उन्नत कृषि कौशल, ई-कॉमर्स ऑनलाइन बैकिंग, बुनकर छापा कला, कराधान, खाद्य पदार्थ निर्माण एवं प्र-संस्करण, खान-खनिज संबंधी स्व-रोजगार, पत्रकारिता एवं अनुवाद, पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन, पशुधन, कुक्कुट, मधुमक्खी और मत्स्य-पालन, सौर ऊर्जा संयंत्र संधारण एवं विपणन को शामिल किया गया है।

प्रशिक्षण के बाद 6 घंटे का फील्ड विजिट आयोजित किया जाएगा तथा 4 घंटे का ऑनलाइन टेस्ट भी आयोजित किया जायेगा। उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किये जाएंगे।

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