अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: आधी आवादी का शहर पर पूरा कब्जा, महिला नेतृत्व का बेहतरीन उदाहरण दमोह जिले का यह शहर

राहुल सेन पथरिया- महिलाओं के संघर्ष को सलाम करने के लिए उनके सम्मान में और उन्हें अधिकार दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 08 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रुप में घोषित किया है। महिला, स्त्री, नारी या फिर औरत शब्द या रिश्ता कुछ भी हो महिलाएं हर जगह सम्मान की हकदार है। आधी आबादी के रुप में महिलाएं हमारे समाज और जीवन का एक मजबूत आधार हैं। महिलाओं के बिना इस दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती। इसके बावजूद भी महिलाओं को अपने सम्मान और अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन दमोह जिले की पथरिया तहसील की कहानी कुछ और ही है। यहां पर लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की अहम भूमिका है।

महिला दिवस के मौके पर हम दमोह जिले की एक ऐसी विधानसभा क्षेत्र के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पद का मान महिलाएं बढ़ा रही हैं। चाहे नगर अध्यक्ष का पद हो, जनपद अध्यक्ष का पद हो या विधायक का पद सभी जगह महिला नेतृत्व ही है। इसके अलावा पथरिया शहर की एसडीएम और नायब तहसीलदार भी महिलाएं ही हैं। जो कि महिलाओं की सहभागिता और और पुरुषों के समक्ष समान रुप से कदम ताल करने का बेहतरीन उदाहरण हैं।

रामबाई सिंह परिहार, विधायक

मध्य प्रदेश की राजनीति में तेजी से उभर रहीं बीएसपी विधायक रामबाई सिंह परिहार अपनी बेबाकी और तल्ख भाषा के लिए जाने जानी जाती हैं। इनके काम करने का अंदाज इतना अलग है जिस सरकारी दफ्तर में जाती हैं उस दफ्तर के कर्मचारियों सहित अधिकारियों को हाथ-पैर फूलने लगते हैं। इतना ही नहीं किसी गरीब या पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ अन्याय होता देखती हैं तो असकी पीड़ा को अपनी पीड़ा समझकर उसकी मदद करने पहुंच जाती हैं. रामबाई सिंह परिहार ने 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के विधायक रहे लखन पटेल को करीब 700 वोटों से हराया था. निजी कारणों की वजह से रामबाई अपनी स्कूली शिक्षा तक पूरी नहीं कर सकी और हाल ही में उन्होंने हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है।

रंजीता पटेल, अध्यक्ष जनपद पंचायत पथरिया

रंजीता पटेल वर्तमान में पथरिया जनपद पंचायत के अध्यक्ष पद का कार्यभार 2015 से संभाल रही हैं। पूर्व में वे पथरिया कृषि अपज मंडी के डायरेक्टर के पद पर भी रह चुकी हैं। रंजीता पटेल ने जबलपुर में रहकर अपनी स्नातक की पढ़ाई की है और अभी वे एलएलबी कर रही हैं। रंजीता पटेल बताती हैं कि वे डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन राजनीतिक घराने में शादी होने के बाद महौल चेंज हो गया और परिवार का अच्छा सपोर्ट मिलने से पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ साथ समाज सेवा करने का मन बनाया। रंजीता बताती हैं कि उन्होंने समाज सेवा करने के लिए राजनीतिक क्षेत्र को सही माना और कृषि उपज मंडी पथरिया के डॉयरेक्टर के पद पर रहते हुए किसानों की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया। वर्तमान में जनपदअध्यक्ष पथरिया के रूप में दायित्व निभा रही हैं। रंजीता पटेल की छवि एक साफ नेत्री और पढ़ी-लिखी महिला के रुप में क्षेत्र के लोगों के बीच बनी हुई है।

प्रीति पंथी, नायाब तहसीलदार पथरिया

नगर के प्रमुख प्रशासनिक दफ्तर में भी महिलाओं का बोलबाला है। पथरिया नायाब तहसीलदार के पद पर नियुक्त प्रीति पंथी बताती हैं कि आज महिलाओं की हर क्षेत्र में सहभागिता बढ़ रही है। राजनीति, शिक्षा, डिफेंस, स्पोर्टस सभी जगह महिलाएं मोर्चा संभाल रही हैं। बात चाहे अनुविभागीय विभाग की हो या राजस्व विभाग की महिलाएं सभी जगह अग्रणी है। आज की महिलाएं कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। कोई भी कार्य हो सभी मे बराबर की हिस्सेदारी से काम करती है महिलाओं को अगर सही दिशा दी जाए तो क्ष्रेत्र की महिलाएं देश का नाम रोशन करेंगी। प्रीति पंथी बताती हैं कि उनकी राजस्व विभाग में नायाब तहसीलदार के पद पर कार्यरत प्रीति पंथी मूल रुप से सागर की रहने वाली है। शिक्षा के क्षेत्र में मास्टर ऑफ कॉमर्स के अलावा मॉडर्न आफिस मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी किया है। नायाब तहसीलदार के पद पर पहली पोस्टिंग पथरिया मिली। इसके पहले उन्होंने सागर में क्लर्क के रुप में काम किया करीब 6 साल सागर में काम करने के बाद 2016 से नायाब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।

कृष्णा लक्षम्ण सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष पथरिया

राजनीतिक रसूख रखने वाले परिवार से संबंध रखने वाली नगर परिषद अध्यक्ष कृष्णा सिंह ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत 2015 में की थी। 2015 उन्होंने पहली बार नगर निकाय चुनाव में हाथ आजमाया था और 4 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी। हाई स्कूल की पढ़ाई के बाद पारिवारिक जीवन में अपने सभी दायित्वों को बड़ी दऋढ़ता से निभा रही हैं। वे महिलाओं से अपील करती हैं कि महिलाएं अपने आप को किसी भी परस्थिति में कमजोर ना समझें समझे हम किसी से कम नही है।

सभी महिलाएं स्वाबलंबी बने:एसडीएम अदिति यादव

अनुविभागीय अधिकारी अदिति यादव जो कि देवास जिले की रहने वाली फिजिक्स से मास्टर डिग्री करने के बाद पीएससी की तैयारी की फैमिली सपोर्ट मिलने से आज इस पद पर हूँ इनकी पहली पोस्टिंग कमर्शियल टेक्स्ट डिपार्टमेंट में असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में भोपाल के मंडदीप में हुई थी उसके बैतूल जिले में भी एसडीएम के पद पर रही है।
अदिति जी ने बताया घर की बड़ी बेटी होने के नाते बचपन से ही जिम्मेदारियां थी और पढ़ने का ओर कुछ बनने का शौक था परिवार के सहयोग से आज इस मुकाम पर हूं कि देश के लिए कुछ कर पा रही हूं।
महिलाओं के लिए स्वाबलंबी होना बेहद जरूरी भले छोटा काम करे या बड़ा लेकिन खुद का करे।

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