आदिवासी बाहुल्य 40 गांव के बीच इकलौता सिग्रामपुर उप स्वास्थ्य केंद्र की हालत तीन वर्ष से बदहाल, जबाबदेह वे परवाह ग्रामीण परेशान

दमोह – लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचने के नाम पर केंद्र व राज्य सरकारें अनेको योजनाएं संचालित कर रही,वावजूद इसके ग्रामीणों तक इन योजनाओं का उचित लाभ नही मिल पा रहा है। खस्ताहाल उप स्वास्थ्य केंद्रों से संचालित स्वास्थ्य सेवाएं भी लाचार बनी हुई,नाम के लिए तो उप स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए तो बदहाल भवन से स्वास्थ्य सेवाएं नदारत है।

मामला जबेरा सीएचसी के उप स्वास्थ्य केंद्र सिग्रामपुर का जहां बीते 31 मार्च 2018 में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन में आग लगने की बजह से भारी झती हुई थी फर्नीचर सहित पूरा का पूरा स्वास्थ्य केंद्र भीषण आग में तबाह हो गया था लेकिन तीन वर्ष का समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र यथा स्तिथि में राख का ढेर बना पड़ा हुआ जिसके सुधार कार्य की सुध तक मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा नही ली गई है नतीजन स्वास्थ्य केंद्र के एक कमरा शेष बचा है जो बैठने उठने के लायक है लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के एक कमरे में फर्नीचर दवाओं के स्टॉक रखा रहता है जिसके चलते सिग्रामपुर गुबरा उपर पहाड़ के दर्जनो,गांव के मरीजों गर्भबती महिलाओ के स्वास्थ्य चेकप के लिए सिग्रामपुर उप स्वास्थ्य केंद्र आती है लेकिन बैठने तंक को जगह नही होंने की वारिश पानी धूप में खुले मैदान में बैठी बैठी घरों को लौट जाती है,यहाँ तक राष्टीय स्वास्थ्य सेवाओं मैं जच्चा बच्चा तक को स्वास्थ्य सेवाएं ठीक तरह से नही मिल पा रही है,मंगलवार टीकाकरण के लिए आई शिशुवती महिलाएं शिशु को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है महिलाएं किशोरी बालिकाएं घण्टों तक बाहर बैठकर अपने चेकप का इंतजार करती रहती क्योंकि संकीर्ण जगह के चलते मरीजों को एक साथ जाकर आराम से बैठकर उपचार करबाने तक कि जगह उप स्वास्थ्य केंद्र में जगह नही है!


तीन वर्ष बीतने के बाद भी उप स्वास्थ्य केंद्र को दुरुस्त करने की अधिकारियों ने नही ली खबर

सिग्रामपुर उप स्वास्थ्य केंद्र मैं वर्ष 2018 के मार्च माह की आखरी तारीख को अज्ञात कारणों से आग लग गई थी जिससे रास्ट्रीय  स्वास्थ्य मिशन की सामग्री सहित फर्नीचर उपस्वास्थ्य केंद्र भवन को छति पहुुंची जिसका सुधार कार्य नही किया यथा स्तिथि में बैठकों तक लिए कर्मचारियों को जगह जिसमें आगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता एएनएम खड़े खड़े बैठकों की कार्यवाहियों की औपचारिकता मात्र के लिए करती क्योंकि बैठने के लिए जगह नही है बदहाल भवन का सुधार कार्य तीन वर्ष विताने के वावजूद नही हुआ है!हैरानी की बात तो यह है उप स्वास्थ्य केंद्र की खस्ता हालत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी से लेकर प्रशानिक अधिकारियो को होने के वावजूद मूकदर्शक बने हुए और बदहाल उप स्वास्थ्य केंद्र की बजह से लाचार स्वास्थ्य सेवाएं विगत तीन वर्ष से सिग्रामपुर उप स्वास्थ्य बदस्तूर जारी है!!

सीबीएमओ ने नवीन उप स्वास्थ्य भवन के लिए भेज दिया था प्रस्ताव नही हुई कोई सुनवाई
सीबीएमओ जबेरा डी के राय का कहना है कि सिग्रामपुर उप स्वास्थ्य केंद्र के सुधार के लिए सीएचएमओ दमोह के लिए प्रस्ताव भेज चुका हूं वही नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन निर्माण की कार्यवाही तीन वर्ष प्रस्तावित की गई थी।

मनोहर शर्मा के साथ निवेश जैन सिग्रामपुर की रिपोर्ट

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