मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना को मंत्रि-परिषद का अनुमोदन

भोपाल – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की वर्चुअल बैठक हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में कोविड-19 महामारी के दौरान, राज्य शासन के नियोजन में कार्यरत नियमित, स्थाईकर्मी, कार्यभारित एवं आकस्मिकता से वेतन पाने वाले, दैनिक वेतनभोगी, तदर्थ, संविदा, कलेक्टर दर, आऊटसोर्स, मानदेय के रूप में कार्यरत शासकीय सेवक, सेवायुक्त जिनकी शासकीय सेवा में कार्यरत रहने के दौरान मृत्यु हो जाती है, उनके पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिये ‘मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना’ लागू करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रि-परिषद ने 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों को कोविड-19 का टीका लगाने के लिय ग्लोबल टेंडर के माध्यम से एक करोड़ वैक्सीन डोज क्रय करने के लिए मध्यप्रदेश हेल्थ कार्पोरेशन को अधिकृत किया। वैक्सीन क्रय की निविदा प्रक्रिया का तकनीकी परीक्षण करने एवं वित्तीय प्रस्ताव स्वीकृत करने के लिए उच्च-स्तरीय समिति के गठन का निर्यण लिया गया। तकनीकी परीक्षण के बाद निविदाकारों के वित्तीय प्रस्तावों का परीक्षण कर वैक्सीन क्रय के लिये दर निर्धारण की कार्यवाही का प्रस्ताव मंत्रि-परिषद के समक्ष स्वीकृति के लिये प्रस्तुत किया जायेगा।

कोरोना महामारी के दौरान जारी निर्देशों/ राशि का अनुमोदन

मंत्रि-परिषद ने कोरोना महामारी से निपटने के लिये तात्कालिक एवं आकस्मिक व्यय जिनका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता था एवं राज्य के बाहर के प्रवासी श्रमिकों के परिवहन आदि की आवश्यकताओं के लिये जारी निर्देशों/राशि का अनुमोदन दिया।

मंत्रि-परिषद ने कोविड-19 महामारी के रोकथाम में अप्रत्याशित व्ययों के लिये, जो एस.डी.आर.एफ. के मापदण्डों में अनुमत्य नहीं थे जैसे मजदूरों की यातायात व्यवस्था के लिए, राहत शिविरों के संचालन के लिये (एस.डी.आर.एफ. में अनुमत्य व्ययों को छोड़कर), 52 जिलों को व्यय अनुमति के लिये जारी निर्देशों का कार्योत्तर अनुमोदन किया।

मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों में फँसे श्रमिकों को मध्यप्रदेश में ट्रेनों के माध्यम से लाने के लिये की गई कार्यवाही का कार्योत्तर अनुमोदन दिया।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान मध्यप्रदेश राज्य के ऐसे मजदूर, जो अन्य राज्यों में फँसे हुए थे, की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति को ध्यान में रखते हुए उनके बैंक अकाउंट/ ई-वॉलेट के माध्यम से 1000 रूपये हस्तांतरित करने का प्रावधान करते हुए लागू की गई मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना का मंत्रि-परिषद ने कार्योत्तर अनुमोदन किया।

मंत्रि-परिषद ने कोरोना रोकथाम के लिये लॉकडाउन के दौरान प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिये नायब तहसीलदारों को एक अप्रैल से 31 मई 2020 तक दो माह के लिए किराये के वाहन के लिये जारी निर्देशों का कार्योत्तर अनुमोदन दिया।

मंत्रि-परिषद ने कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान ड्यूटी करने वाले डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस अधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के ठहरने के लिये क्वारंटीन सेंटर के रूप में संचालित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा होटलों का अधिग्रहण के लिये की गई कार्यवाही का अनुमोदन दिया।

महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल कार्यक्रम

मंत्रि-परिषद ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 से 2022-2023 की अवधि में ‘महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल कार्यक्रम’ को संचालन करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस कार्यक्रम के संचालन के लिये वर्ष 2020-21 के लिये 10 करोड़ 40 लाख 78 हजार 100 रूपये, वर्ष 2021-22 के लिये 10 करोड़ 5 लाख 51 हजार 360 रूपये तथा वर्ष 2022-23 के लिये 7 करोड़ 52 लाख 37 हजार 246 रूपये कुल 27 करोड़ 98 लाख 66 हजार 706 रूपये की राशि व्यय करने की स्वीकृति भी दी।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अंतर्गत विभागीय भर्ती नियमों में प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों के स्वीकृत पदों पर 100 प्रतिशत पदोन्नति संबंधी प्रावधान में संशोधन करते हुए 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से एवं शेष 75 प्रतिशत पूर्ववत पदोन्नति से भरे जाने की स्वीकृति प्रदान की। उक्त प्रावधान विभागीय भर्ती नियमों में समाहित करने के बाद प्रदेश के आमजन को विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध कराए जाने के लिये सीधी भर्ती से विशेषज्ञों की भर्ती की कार्यवाही की जा सकेगी।

आमजन को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएँ प्रदान करने के लिये प्रदेश में द्वितीय श्रेणी पी.जी.चिकित्सकों को विभाग में सेवाओं के लिए आकर्षित करने के लिए चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यग्रहण करने के बाद का क्रमोन्नति के रूप में विशेषज्ञ के पद पर आगामी ग्रेड-पे (5400 से 6600) स्नातकोत्तर डिग्रीधारी चिकिसकों को दो वर्ष की सेवा उपरांत एवं स्नातकोत्तर डिप्लोमाधारी चिकित्सकों को तीन वर्ष की नियमित सेवा के बाद दी जा सकेगी।

विभाग में पहले से कार्यरत चिकित्सकों के सीधी भरती प्रक्रिया में विशेषज्ञ के पद पर चयनित होने पर उनकी पूर्व सेवाएँ, पेंशन के लिये अर्हतादायी सेवा गणना में शामिल की जायेगी।

कैम्पा निधि

मंत्रि-परिषद ने राज्य शासन द्वारा प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) अंतर्गत वर्ष 2021-22 की वार्षिक प्रचालन कार्य योजना (ए.पी.ओ.) के क्रियान्वयन के लिये राशि 776 करोड़ 97 लाख रूपये के कैम्पा निधि से उपयोग का अनुमोदन किया।

उपार्जन संबंधी

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में रबी 2020-21 (रबी विपणन वर्ष 2021-22) में भारत सरकार की पी.एस.एस. अंतर्गत चना, मसूर एवं सरसों उपार्जन के लिये पंजीकृत कृषकों से राज्य उपार्जन एजेंसी ‘मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ’ द्वारा करने का निर्णय लिया।

पर ड्रॉप मोर क्रॉप

उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अंतर्गत क्रियान्वित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाय) के घटक पर ड्रॉप मोर क्रॉप (माइक्रो इरीगेशन) को 1 अप्रैल 2021 के बाद भी वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक निरन्तर रखे जाने की अनुमति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदान की गई।

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