गाईड लाईन का पालन करते हुए मनाये जाएंगे पर्व – पुलिस अधीक्षक तेनीवार

दमोह: कलेक्टर एस.कृष्ण चैतन्य ने शांति समिति की बैठक में आने वाले पर्वो की व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधितों को दिशा निर्देश देते हुए शासन की गाईड लाईन से समिति के सदस्यों  को अवगत कराया। उन्होंने कहा पंडाल ऐसे स्थलों पर स्थापित किेये जायें जिससे आगवागमन में व्यवधान न हो, इस बात का ध्यान रखा जायें। बैठक में पुलिस अधीक्षक डी.आर. तेनीवार और एडीशनल कलेक्टर एनआर गौड़ विशेष रूप से मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री चैतन्य ने कहा गाईड लाईन के तहत रात्रि 11 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी तरह के कार्यक्रम नहीं होंगे। उन्होंने कहा पण्डाल की अनुमति एसडीएम कार्यालय से दी जायेगी। पंडाल की साईज निर्धारित है, उसी अनुरूप कार्रवाई की जायें। श्री चैतन्य ने प्रतिभाओं की स्थापना और बिर्सजन के संबंध में चर्चा करते हुए अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश दिये। उन्होंने होमगार्ड कमांडेंट को विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाओं हेतु निर्देशित किया। साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था आदि के संबंध में संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार  ने कहा गाईड लाईन का पालन करते हुए पर्व मनाये जाना है। उन्होंने कहा आयोजन की अनुमति ली जायें, डीजे सिस्टम की अनुमति नहीं होने की बात कही गई। श्री तेनीवार ने कहा अनुमति के आवेदन में वालेंटियर के नाम भी दिये  जायें। आवागमन व्यवस्था के संबंध में दिशा निर्देश दिये गये। यह भी कहा इस बात का ध्यान रखा जायें  प्रतिमा विद्ययुत लाईन के नीचे न हों। बैठक में शांति समिति के सम्मानित सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।

प्रतिमा/ताजिया (चेहल्लुम) के लिए पण्डाल का आकार
अधिकतम 30 गुणा 45 फीट नियत विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति

 

राज्य शासन द्वारा कोरोना वायरस को संपूर्ण राज्य के लिए संक्रामक रोग घोषित किया गया है, जिसकी राकेथाम हेतु निर्देश जारी किये हैं। दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश 04 जून 2021 दमोह जिले की राजस्व सीमा अंतर्गत जारी किया गया था, जो वर्तमान में प्रभावशील है। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट एस. कृष्ण चैतन्य ने पूर्व जारी आदेश में आंशिक संशोधन किया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिमा/ताजिया (चेहल्लुम) के लिए पण्डाल का आकार अधिकतम 30 गुणा 45 फीट नियत किया गया है। झॉंकी निर्माता ऐसी झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे, जिनमें संकुचित जगह (Constricted Space) के कारण श्रद्धालुओं/दर्शकों की भीड़ की स्थिति बन जाने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना हो सके। झॉंकी स्थल पर श्रद्धालुओं/दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी। मूर्ति/ताजियों (चेहल्लुम) का विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।
उन्होंने निर्देशित किया है कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह भी अनुमत्य नहीं होगी। लाऊड स्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारतम्य में झॉकियों/पण्डालों/विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु/दर्शक फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाईजर का उपयोग आवश्यक होगा।
उपरोक्त गतिविधियां संचालित किये जाने में शासन द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन अनिवार्य होगा। शेष प्रतिबंध यथावत रहेंगे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

Please Share This News By Pressing Whatsapp Button




जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close

Website Design By Bootalpha.com +91 82529 92275