जीवन में सादगी लाने से ही ज्ञान की प्राप्ति होगी 

 

पथरिया – पंडित हिमालय पांडे जी सायंकाल कथा के छठवें दिन  गोवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज जी ने कथा करते हुए कहा कि हमें जीवन में सादगी पसंद करनी चाहिए। हमें ज्ञान तभी प्राप्त होगा जब जीवन कोरे कागज की तरह होगा, हमें अभिमान किसी चीज का नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि पशु पक्षियों को घर में या पिंजरो में कैद करके नहीं रखना चाहिए। हमारा शौक किसी के लिए बंधन हो तो शौक नहीं है। दूसरे के सुख को नष्ट करके अपने शौक को कायम रखना या हिंसा करनी बहुत बड़ा पाप है। हम यह जाने अंजाने में करते हैं फलस्वरूप हमें नरक की प्राप्ति होती है। इसलिए हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे द्वारा जानकर कभी किसी जीव या प्राणी को हमारे द्वारा कष्ट न पहुंचाया जाए। इस बात की सावधानी जीवन में रखना।श्री महाराज जी ने कहा कि भगवान का नाम संकीर्तन ही हमें कष्टों और पापों से बचा सकता है।

उन्होंने कहा कि जब हमें भगवान की याद आती है तो वो सब से बड़ी संपति है अगर याद न आए भूल जाते है तो वो सब से बड़ी विपत्ति है। श्री महाराज ने कथा के दौरन गाए गए भजन- भगवान तुम्हरे चरणो में यदि प्रेम किसी का हो जाए, तो चरणों की बात ही क्या संसार ही उसी का हो जाए, जय राधे जय राधे जय श्री कृष्ण बोलो जय श्री राधे, हे वाला अर्जी हमारी सुनो श्री नाथ जी लेजा तारा दाममा आदि मधुर भजन गाय आज श्री कृष्ण भगवान एवं माता रुक्मणी का विवाह का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ जिसे चौरसिया परिवार द्वारा बहुत धूमधाम से मनाया गया चौरसिया चौराहे से बरात निकल कर कथा स्थल खेर माता मंदिर प्रांगण तक पहुंची जहां पर सभी भक्तगण पलक पावडे बिछा कर बारात की अगवानी करते नजर आए इसी दौरान माताजी की पांव पकराई में यजमान मुकेश चौरसिया अंबिका प्रसाद चौरसिया द्वारा सोने के कुंडल मंगलसूत्र एवं माला से पांव पकराई की गई भागवत जी की कथा एवं माता रानी की आरती में प्रमुख रूप से बिहारी मुकेश सुनील अमित संजय संदीप आलोक रवि एवं समस्त चौरसिया परिवार पथरिया द्वारा की गई

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